
मुख्यमंत्री की घोषणा
भोपाल, 17 अगस्त 2025 – मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के युवाओं को एक बड़ी सौगात दी है। प्रदेश में पुलिस विभाग में खाली पदों को भरने के लिए अब हर साल 7500 पदों पर भर्ती की जाएगी। इस साल भर्ती की जिम्मेदारी कर्मचारी चयन मंडल (ESB) को दी गई है, लेकिन अगले साल से इसके लिए एक अलग पुलिस भर्ती बोर्ड बनाया जाएगा।
राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लाल परेड ग्राउंड, भोपाल से यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि –
- प्रदेश में पुलिस के लगभग 22,500 पद खाली हैं।
- हर साल 7,500 पदों पर भर्ती की जाएगी।
- इस तरह 3 साल में सभी रिक्तियां पूरी की जाएंगी।
क्यों ज़रूरी है पुलिस भर्ती?
प्रदेश में बढ़ती जनसंख्या और अपराध की बदलती चुनौतियों को देखते हुए पुलिस बल का मजबूत होना बेहद ज़रूरी है। लंबे समय से भर्ती न होने के कारण पुलिस बल में कमी महसूस हो रही थी। अब नई भर्ती से न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा बल्कि पुलिस विभाग को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
चयन प्रक्रिया
- इस साल की भर्ती ईसीबी (ESB) द्वारा कराई जाएगी।
- अगले साल से एक अलग पुलिस भर्ती बोर्ड का गठन होगा।
- भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और मेरिट आधारित होगी।
- शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों और बच्चों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
विशेष प्रावधान
सरकार ने यह भी घोषणा की कि –
- शहीद पुलिसकर्मियों के बच्चों को ग्रेजुएट कोर्स में प्रवेश के दौरान एक अतिरिक्त सीट का आरक्षण मिलेगा।
- पुलिस, जेल, और नगर सेना विभागों में रिक्तियों को प्राथमिकता से भरा जाएगा।
युवाओं के लिए बड़ा अवसर
यह फैसला राज्य के लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है। पुलिस भर्ती हमेशा से युवाओं में लोकप्रिय रही है, और अब हर साल 7,500 पदों पर भर्ती से रोजगार की संभावनाएं और बढ़ेंगी।
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश सरकार का यह कदम न केवल युवाओं को रोजगार देने की दिशा में बड़ा प्रयास है बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था को भी मजबूत करेगा। आने वाले तीन सालों में 22,500 नए पुलिसकर्मी राज्य की सुरक्षा में जुड़ेंगे। यह कदम प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती देगा और साथ ही युवाओं के लिए उम्मीद की किरण बनेगा।