📰 भारत की 16वीं जनगणना (2026-27): अब तक की सबसे बड़ी डिजिटल जनगणना।

भारत का राजपत्र
The Gazette of India

सी.जी.-डी.एल.-03.-16062025-263858
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असाधारण
EXTRAORDINARY
भाग II—खण्ड 3—उप-खण्ड (ii)
PART II—Section 3—Sub-section (ii)
प्राधिकृत से प्रकाशित
PUBLISHED BY AUTHORITY

सं. 2616]
नई दिल्ली, सोमवार, जून 16, 2025 / ज्येष्ठ 26, 1947
No. 2616] NEW DELHI, MONDAY, JUNE 16, 2025 / JYAISTHA 26, 1947


गृह मंत्रालय

(भारत के महानियंत्रक का कार्यालय)
अधिसूचना
नई दिल्ली, 16 जून, 2025


का.आ. 2681(अ).— **केंद्रीय सरकार, जनगणना अधिनियम, 1948 (1948 का 37) की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए और जनगणना अधिनियम, भाग 2, खंड 3 उपखंड (ii) तारीख 28 मार्च, 2019 में प्रकाशित भारत सरकार के गृह मंत्रालय (भारत के महानियंत्रक का कार्यालय) की अधिसूचना संख्यांक का.आ. 1455(अ) तारीख 26 मार्च, 2019 के स्थानापन में, उन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इंगित करने हेतु कि वह किस तिथि को लोग गिनती shall commence, यह अधिसूचना जारी करती है कि जनगणना कार्य 1 जुलाई 2027 से आरंभ होगा।

  1. उक्त जनगणना के लिए हाउसलिस्टिंग, गृह गणना कार्यक्रम और अद्यतन राष्ट्रीय जनगणना रजिस्टर कार्य निम्नलिखित राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के लिए संशोधित कार्यक्रमानुसार दिनांक 1 अप्रैल, 2027 से पहले किसी दिन 00:00 बजे से होगी।
  2. गृह गणना कार्यक्रम तथा हाउस लिस्टिंग एवं संशोधन कार्यक्रम दिनांक 1 अप्रैल, 2027 से उत्तराखंड एवं हिमाचलप्रदेश राज्यों में आयोजित किए जाने हेतु दिनांक 31 मार्च, 2026 के मध्य 00:00 बजे से आरंभ होगा।

[फा.सं. 9/8/2025-सीआईडी]
मुकुंद कुमार नारायण, महानियंत्रक एवं जनगणनाध्यक्ष भारत

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📅 घोषणा तिथि: 16 जून 2025 (भारत सरकार की अधिसूचना)

🗞️ समाचार स्रोत: दैनिक भास्कर, भोपाल संस्करण – 17 जून 2025


🔴 मुख्य विशेषताएँ:

  1. यह भारत की 16वीं जनगणना होगी। पिछली जनगणना 2011 में हुई थी, 2021 की जनगणना कोरोना के कारण स्थगित कर दी गई थी।
  2. यह पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी — मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जानकारी एकत्र की जाएगी।
  3. जनगणना दो चरणों में होगी:
    • पहला चरण (हाउस लिस्टिंग): 1 अक्टूबर 2026 से (विशेष क्षेत्रों में)
    • दूसरा चरण (जनगणना गणना): 1 मार्च 2027 से (बाकी भारत में)

💰 खर्च और संसाधन:

  • 13,000 करोड़ रुपए खर्च अनुमानित।
  • 34 लाख कर्मचारी और पर्यवेक्षक जनगणना में कार्यरत होंगे।
  • 1.3 लाख स्थानों पर अधिकारी डाटा संग्रह करेंगे।
  • 100 प्रशिक्षण संस्थान, 1,800 मास्टर ट्रेनर, 45,000 प्रशिक्षित ट्रेनर, 13,000 स्कूल उपयोग में लाए जाएँगे।

🗣️ भाषाएँ और माध्यम:

  • यह जनगणना 16 भारतीय भाषाओं में की जाएगी।
  • डिजिटल फॉर्मेट में भाषा चयन की सुविधा रहेगी ताकि सभी क्षेत्रों के लोग सहजता से जानकारी दे सकें।

🏠 पहले चरण: हाउस लिस्टिंग

इस चरण में घर के बुनियादी ढांचे से जुड़ी जानकारियाँ ली जाएँगी:

  • घर पक्का/कच्चा
  • जल, बिजली, गैस, शौचालय
  • इंटरनेट कनेक्शन
  • भवन का उपयोग (व्यावसायिक/आवासीय)
  • घर में रहने वालों की संख्या आदि।

🙋‍♀️ दूसरा चरण: व्यक्तिगत जानकारी

इस चरण में हर व्यक्ति के बारे में निम्नलिखित 36 प्रमुख प्रश्नों के माध्यम से जानकारी एकत्र की जाएगी:


📋 जनगणना 2026-27 में पूछे जाने वाले 36 संभावित प्रश्न

  1. नाम
  2. लिंग (पुरुष/महिला/अन्य)
  3. जन्म तिथि / उम्र
  4. वैवाहिक स्थिति
  5. धर्म
  6. जाति (लेकिन इस बार जातिगत जनगणना नहीं होगी – केंद्र ने स्पष्ट किया है)
  7. शिक्षा स्तर
  8. पढ़ाई कर रहे हैं या नहीं
  9. मुख्य भाषा
  10. अन्य भाषाएँ जो बोली जाती हैं
  11. व्यवसाय / कार्यक्षेत्र
  12. रोजगार की प्रकृति (सरकारी/निजी/स्व-रोजगार/बेरोजगार)
  13. आयु वर्ग
  14. विकलांगता की स्थिति
  15. क्या आधार कार्ड है
  16. क्या पैन कार्ड है
  17. क्या ड्राइविंग लाइसेंस है
  18. मोबाइल फोन है या नहीं
  19. इंटरनेट उपयोग करते हैं या नहीं
  20. स्मार्टफोन का प्रयोग
  21. बैंक खाता है या नहीं
  22. बीमा योजना का लाभ ले रहे हैं या नहीं
  23. आवास की स्थिति – पक्का/कच्चा
  24. किराए पर रहते हैं या स्वयं का घर
  25. परिवार में सदस्यों की संख्या
  26. शौचालय की सुविधा है या नहीं
  27. पेयजल की उपलब्धता
  28. बिजली की सुविधा
  29. रसोई गैस उपलब्धता
  30. वाहन – दोपहिया/चारपहिया
  31. टीवी/रेडियो है या नहीं
  32. इनवर्टर/सोलर सिस्टम
  33. इनकम टैक्स देते हैं या नहीं
  34. कोविड-19 वैक्सीन ली या नहीं
  35. कितनी बार स्थानांतरण (पिछले 5 वर्षों में)
  36. निवास की अवधि (कितने सालों से उसी घर/शहर में हैं)

राजनीतिक विवाद: जातिगत जनगणना नहीं

  • विपक्ष (कांग्रेस) ने जातिगत जनगणना की माँग की, परंतु केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि जातिगत जानकारी ली जाएगी।
  • सरकार का कहना है कि NPR (राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर) और आधार की मदद से सभी वर्गों के आँकड़े उपलब्ध होंगे।

📌 निष्कर्ष:

जनगणना 2026-27 भारत के इतिहास की सबसे बड़ी और सबसे महंगी डिजिटल जनगणना होगी। इसका उद्देश्य न केवल जनसंख्या की गणना करना है, बल्कि डिजिटल इंडिया, योजनाओं के निष्पादन, शहरी विकास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को बेहतर बनाना भी है।

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