MP माध्यमिक शिक्षक वेतन 2026 | 70%, 80%, 90% या 100% वेतन? | परिवीक्षा अवधि | हाई कोर्ट का फैसला

मध्यप्रदेश में माध्यमिक शिक्षकों को कितना मिल रहा है वेतन? || 70,80,90%? || परिवीक्षा अवधि में वेतन।

वर्तमान में वेतन पुनरिक्षण नियम, 2017 के अनुसार वेतन मिल रहा है।

माध्यमिक शिक्षकों का न्युनतम एवं अधिकतम वेतन?

  • न्युनतम वेतन– 32,800
  • अधिकतम वेतन– 1,03,600

मूल वेतन के बाद अन्य भत्ते जैसे- DA or HRA जुड़ता है।

सेवा शर्तें और भर्ती नियम, 2018 के अनुसार राजपत्र दिनांक 24 दिसंबर, 219 के अनुसार वेतन 3 वर्ष की परिवीक्षा अवधि में मिल रहा है।

  1. प्रथम वर्ष-70%
  2. द्वितीय वर्ष- 80%
  3. तृतीय वर्ष- 90%

वेतन मिल रहा है।

परिवीक्षा अवधि के 3 वर्ष पूर्ण होने के पश्चात ही पूर्ण वेतन शुरु होगा। परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने के पश्चात वेतन हर वर्ष लगभग 3% (राज्य सरकार द्वारा जो भी निर्धारित हो) बढ़ेगा।

मूल वेतन 32,800 का इस तरह से विभाजन होगा।

वर्षवेतन प्रतिशतमूल वेतन    Basic Pay+DA+HRA
प्रथम वर्ष7022,960
द्वितीय वर्ष8026,240
तृतीय वर्ष9029,520
चतुर्थ वर्ष10032,800

Note- 10% NPS (National Pension System) यह वेतम में से 10 प्रतिश कट कर आपके भविष्य निधि के रुप में जमा होता है जो सेवानिवृत्ति के बाद मिलता है इसे आपातकाल में बिच में भी तय सीमा में निकाल सकते है। इसमें 14% राशि सरकार भी जमा करती है। NPS HRA में से नही कटता है।

DA (Dearness Allowance)- मप्र. में वर्तमान में 58% है।

HRA (House rent Allowance)- गृह भाड़ा ग्रामिण 5%, शहर में 7% एवं महानगरों  में 10% मूल वेतन का प्राप्त हो रहा है।

उदाहरण- मूल वेतन 22,960 + DA 58% + HRA 5 %

22,960 का 58% = 13,317 or5% HRA= 1,148

तो-

22,960+13,317+1,148= 37,425

कुल वेतन– 37,425

———————–वेतन गणना Tool….

मध्यप्रदेश वेतन गणना: मूल वेतन + DA + HRA + NPS (नेट वेतन)
मध्यप्रदेश वेतन गणक (Base + DA + HRA − NPS = Net)
नोट: HRA प्रतिशत स्थान/वर्ग के अनुसार चुनें।
कृपया मूल वेतन दर्ज करें
NPS = 10% (मूल वेतन + DA) पर गणना होगा। नेट वेतन = ग्रॉस (Base+DA+HRA) − NPS।

मूल वेतन

₹0

DA राशि

₹0

HRA राशि

₹0

ग्रॉस (Base+DA+HRA)

₹0

NPS (10% of Base+DA)

₹0

नेट वेतन (ग्रॉस − NPS)

₹0

यह एक क्लाइंट-साइड टूल है—आपका डेटा सेव या भेजा नहीं जाता।

Q.)100 % वेतन के लिए कोर्ट का आदेश जारी हुआ था?

कोर्ट का फैसला-

6 जनवरी, 2026 को जबलपुर हाई कार्ट ने वह आदेश निरस्त किया था जिसमें परिवीक्षा अवधि में वेतन 70,80,90% देने का प्रावधान था।

कोर्ट का तर्क- संविधान के अनुसार “समान कार्य के लिए समान वेतन”

कोर्ट ने कहाँ की बाकि जो बचा हुआ एरियर है उसे 90 दिने में दिया जाए।

इसके बाद मध्यप्रदेश सरकार का कोई भी वेतन संबंधित संशोधित आदेश/राजपत्र प्राप्त नही हुआ है।

सरकार ने कोर्ट में याचिका लगाई थी की अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ेगा। इसके बाद यह मुद्दा जबलपुर हाई कोर्ट से सूप्रीम कोर्ट में है।

विशेष– कुछ सरकारी कर्मचारियों ने कोर्ट में याचिक लगाई थी जिसमें कोर्ट ने संबंधित विभाग को पूर्ण वेतन देने का आदेश दिया था जिसका लाभ केवल याचिका कर्ता को ही प्राप्त हुआ है।

कोर्ट में सरकार का तर्क- 400 हजार करोंड़ का अतिरिक्त भार पड़ेगा राज्य सकार पर एवं शासन को प्रोबेशन की शर्तों को तय करने का नीतिगत अधिकार है।  

Q) किन कर्मचारियों के लिए वर्तमान में ये व्यवस्था है?

शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग एवं अन्य…….

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